***खुदा के आगे किसकी चलती है ------!!***
=================================
=================================
तुझको देखे मुझको यारब एक जमाना हुआ
सामने आये खुदा से करता मैं ऐसी रोज दुआ
सामने आये खुदा से करता मैं ऐसी रोज दुआ
जब भी मैंने कदम बढ़ाये मुझको तेरा साथ मिला
सच कहता हूँ मुझको तुझसे सच्चा प्यार मिला
सच कहता हूँ मुझको तुझसे सच्चा प्यार मिला
झूठों - मक्कारों ने हमले मुझ पर कई बार किये
सच का साथ निभाने पर मुझ पर कई आरोप लगे
सच का साथ निभाने पर मुझ पर कई आरोप लगे
कितनी भी आईं मुश्किल खुदा ने मुझको साथ दिया
हर मुश्किल इम्तिहान में यारो मैं होता हरदम पास रहा
हर मुश्किल इम्तिहान में यारो मैं होता हरदम पास रहा
कुछ ने मेरा विरोध किया कुछ ने मेरा जमकर साथ दिया
खुदा के आगे किसकी चलती है पुख्ता फिर विश्वास हुआ
खुदा के आगे किसकी चलती है पुख्ता फिर विश्वास हुआ
"बेताब "जब भी मैंने अपने कदम बढ़ाये मेरे साथ चली हवा
सच्चे पथ का राही था मैं मेरा कुछ भी बाल न बाका हुआ
सच्चे पथ का राही था मैं मेरा कुछ भी बाल न बाका हुआ
-------------------रमाकांत बड़ारया "बेताब" दुर्ग
No comments:
Post a Comment