Monday, 17 August 2015

*********जरा सोचें ********
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कहा जाता है
उच्च पद की मर्यादा 
विनम्रता में है
व्यक्ति जितने
ऊँचे पद पर हो उसे
उतना ही विनम्र
होना चाहिए .
क्या यह ?
आपको कहीं भी
देखने मिलता है
क्या आपको
यह नहीं लगता
यह कथन आज ?
कब्र में दफन हो गयाहै
या अंतिम सांसे गिन रहा है
जो आज
जितने ऊँचे पद पर
बैठा है
उसका आचरण
उतना ही निम्म कोटि का
नहीं आता है ?
आदर्श प्रस्तुत करने की
जिन पर जिम्मेवारी है
क्या वही
आदर्शों की हत्या करते
नजर नही आते
देश की बागडोर
जिनके हांथों होती में
जो देश की १ २ ० करोड़
जनता का प्रतिनिधी होते हैं
क्या उन्हें ?
पार्टी लाइन से हटकर
काम नहीं करना चाहिए
क्या इन्हें ?
पार्टी द्वारा अन्य दाइत्वों से
मुक्त नहीं रखा जाना चहिये
अन्य जिम्मेदारियां
अपने उपर लेने से
नहीं रोका जाना चिहिए
ताकि वे
अपने कर्तव्यों का निर्वहन
सही ढंग से कर सकें
जनता के बीच जाकर
उनकी कठिनाइयों को
समझ सकें
एक दुसरे की टांग
खीचने के बदले
समस्याओं का
सटीक हल निकाल सकें

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