*********व्यर्थ ही न जलो इश्क़ में ***********
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अक्ल खो दी है न जाने कितनो ने जुनूने इश्क़ में .
है आग का दरिया ये,व्यर्थ ही न जलो इश्क़ में .
है आग का दरिया ये,व्यर्थ ही न जलो इश्क़ में .
घर जो जले कई बदन भी कई जले हैं इश्क़ में ..
फिर भी आमादा -ए -सौदा हुये हैं लोग इश्क़ में .
फिर भी आमादा -ए -सौदा हुये हैं लोग इश्क़ में .
दिन में दिखते हैं ख्वाब रात की बात है कुछ और .
मान जाइये सिवा बर्वादी के हासिल न होगा इश्क़ में .
मान जाइये सिवा बर्वादी के हासिल न होगा इश्क़ में .
मंज़िल न मिल सकी "बेताब " मुझको तेरे वगैर .
दिले -शिकस्ता लिए फिरता हूँ कमसिन तेरे इश्क़ में .
दिले -शिकस्ता लिए फिरता हूँ कमसिन तेरे इश्क़ में .
------------------रमाकांत बड़ारया "बेताब " दुर्ग ------
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