Friday, 2 October 2015

************नीली -नीली झील सी गहरी आँखें ******
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तेरी आँखें सुन्दर आँखें
नीली -नीली झील सी गहरी आँखें
दे रहीं मौन निमंत्रण
आकर इन दो आँखों की
मदिरा  को पी लो
जीना अगर तुम्हे ना आये
आकर जीना हमसे सीखो
तेरी आँखें --------------------

आँखों की भाषा को
आँखों ने ही समझा है
साथ हमारा और तुम्हारा
जनम- जनम  का है
आओ इन दो आँखों की गहराई को
हम -तुम मिलकर नापें
इन दो आँखों की गहराई में
हम-तुम आज उत्तर जाएँ
तेरी आँखें --------------------------

बाग़ मैं खिलती कलियों का
फूलों पर इठला -इठला कर मड़राना
कहता हमको -तुमको कैसा शर्माना
आओ ऐसी जगह करें मुकाम
प्यार मैं झूमें सुबहो शाम
दिन भी बीते रात भी बीते
कहीं बीत न जाये उम्र
इसका कुछ तो करो ख्याल
तेरी आँखें सुन्दर आँखें -------------------------


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